नए वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड को विकास कार्यों के लिए अधिक बजट मिलेगा। केंद्रीय करों में उत्तराखंड की हिस्सेदारी में नए साल में 1515 करोड़ रुपये का इजाफा होने जा रहा है। वहीं, पूंजीगत मद में ब्याजमुक्त कर्ज की राशि में भी इजाफे का रास्ता भी खुल गया है।
शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट घोषणाओ के बाद राज्य के वित्त अधिकारी और विशेषज्ञ उत्तराखंड के लिए नफे-नुकसान के आकलन में जुट गए हैं। वित्त विभाग के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष में राज्य को केंद्रीय करों के रूप में 14,387 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी मिलनी है। इसमें अतिरिक्त रूप से मिलने वाले 444 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह राशि 15,902 करोड़ रुपये हो जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। अगले वित्तीय वर्ष से राज्य को केंद्रीय करों में प्रतिमाह 1325 करोड़ रुपये का हिस्सा मिलने लगेगा। साथ ही पूंजीगत मद में भी राज्य को लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में इस बार राज्यों के विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ के कर्ज का प्रावधान किया गया है। 50 साल की अवधि के लिए मिलने वाला यह कर्ज ब्याज मुक्त होता है। इस मद में राज्य को पिछले दो साल में काफी लाभ मिला है।
राज्य ने वर्ष 2022-23 में 1200 करेाड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 1911 करोड़ रुपये कर्ज के लिए रूप में लिए थे। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक राज्य एक हजार करोड़ रुपये मिल चुके हैं और अभी एक हजार करोड़ रुपये और मिल सकते हैं।

More Stories
रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
आमजन की सुरक्षा को हर पल मुस्तैद दून पुलिस, स्वतंत्रा दिवस के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में दून पुलिस द्वारा लगातार चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान, जनपद की सीमाओं व आन्तरिक मार्गो पर संदिग्धों की तलाश हेतु लगातार की जा रही सघन चैकिंग, संवेदनशील स्थानों पर अर्द्ध सैनिक बलों के साथ किया गया फ्लैग मार्च
मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को किया नमन, इस दिन को बताया लाखों परिवारों के दर्द और बलिदान को याद करने का अवसर