उत्तराखंड नगर निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ कड़े नियम जारी किए हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया में उम्मीदवारे के लिए बड़ी रुकावटें उत्पन्न हो सकती हैं। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति नगर निगम, नगर पालिका के सभासद, वार्ड सदस्य या पार्षद चुनाव में खड़ा होना चाहता है, तो उसे निकाय के बकाया टैक्स और जल संस्थान के पानी के बिल तत्काल चुकता करने होंगे। यदि इसमें लापरवाही बरती गई, तो वह चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो सकता है।
चुनाव की तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं और उम्मीदवार अपनी रणनीतियाँ तैयार कर रहे हैं। हालांकि, कई लोग इस महत्वपूर्ण नियम को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने वाली बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इसके अलावा, आयोग के नियों के तहत, ऐसे व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिल सकती जिन्हें किसी अपराध में दोषी पाया गया हो और जिनकी सजा दो वर्ष से अधिक की हो।
निगम टैक्स, कॉमर्शियल टैक्स या जल संस्थान के पानी के बिल का बकाया एक वर्ष से अधिक होने पर भी चुनावी अधिकार समाप्त हो जाएगा। साथ ही, भ्रष्टाचार या राजद्रोह के मामलों में पद से हटाए गए व्यक्ति को छूटने की तिथि से छह साल तक चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।

More Stories
रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
आमजन की सुरक्षा को हर पल मुस्तैद दून पुलिस, स्वतंत्रा दिवस के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में दून पुलिस द्वारा लगातार चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान, जनपद की सीमाओं व आन्तरिक मार्गो पर संदिग्धों की तलाश हेतु लगातार की जा रही सघन चैकिंग, संवेदनशील स्थानों पर अर्द्ध सैनिक बलों के साथ किया गया फ्लैग मार्च
मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को किया नमन, इस दिन को बताया लाखों परिवारों के दर्द और बलिदान को याद करने का अवसर