मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, IFS ऑफिसर जितेंद्र रावत डिप्रेशन से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। वह अपनी मां के साथ पहली मंजिल पर रहते थे और उनकी पत्नी और दो बच्चे देहरादून में रहते हैं।
जानकारी के अनुसार जब जितेंद्र रावत की मृत्यु हुई तब उनकी मां घर पर ही थीं। पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि उनकी उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच थी। पुलिस इस दुखद घटना की जांच कर रही है।

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