जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सुबह मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय (बेसिक और माध्यमिक) और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। हरिद्वार के नवनियुक्त जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने अधिकारियों के कार्यालय पहुंचने का रियलिटी चेक किया तो शिक्षा और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नदारद मिले। जिलाधिकारी ने ऐसे अफसरों और कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही लापरवाही पर स्पष्टीकरण तलब किया है। सोमवार सुबह किए गए कार्यालयों के औचक छापे से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सुबह 10:15 बजे से मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय (बेसिक और माध्यमिक) और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय में निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दर्शन सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अशोक वैद्य, प्रधान सहायक दीपक सैनी, ड्राइवर मनवर सिंह नेगी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बेसिक/माध्यमिक में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी महेश मैथानी अनुपस्थित पाए गए।
जबकि सुबह 10:25 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय में निरीक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत और डाटा एंट्री ऑपरेटर गौरव उप्रेती गैर हाजिर मिले। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोकने व स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें। कार्यालय में आने वाले व्यक्तियों और फरियादियों की पूरी शालीनता से समस्याएं सुनकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें। डीएम ने साफ कहा कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।

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