वरुणावत पर्वत पर गत मंगलवार रात हुए भूस्खलन के बाद बुधवार सुबह भी पहाड़ी से कुछ देर तक रुक रुककर बोल्डर गिरते रहे। इसके बाद गोफियारा क्षेत्र से दो से तीन परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए। इस क्षेत्र में किराये पर रह रहे लोग भी अब सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट हो रहे हैं। बीते 27 अगस्त के बाद से ही वरुणावत पर्वत से रुक-रुककर भूस्खलन जारी है। गत मंगलवार रात करीब आठ बजे तेज आवाज के साथ हुए भूस्खलन के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे। हालांकि देर रात में बारिश रुकने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन बुधवार सुबह एक बार फिर वरुणावत के भूस्खलन जोन से बोल्डर गिरना शुरू हो गए। गोफियारा के लोग घरों से बाहर आकर छत से बोल्डरों को गिरते हुए देख रहे थे। उसके बाद भूस्खलन जोन के नजदीक में बने घरों में रह रहे दो से तीन परिवारों ने अन्य जगह शरण ले ली है।
वहीं, क्षेत्र में किराए पर रहे रहे लोग भी अन्य स्थानों पर कमरा लेकर रहने चले गए हैं। विगत एक सप्ताह से रात में जब भी एक सप्ताह से मूसलाधार बारिश हो रही है तो गोफियारा सहित भटवाड़ी रोड सहित कलक्ट्रेट कॉलोनी के लोग दहशत में रतजगा करने कर रहे हैं। हालांकि, भूस्खलन जोन के नीचे पेड़ों की संख्या सहित चौड़ा स्थान होने के कारण बोल्डर और मलबा बस्तियों तक नहीं पहुंचा है। लेकिन अगर इसी प्रकार की स्थिति बनी रही तो कभी भी बड़ा खतरा हो सकता है। वरुणावत पर्वत पर सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को सतर्क किया गया है। खतरे की जद वाले कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। विशेषज्ञ टीम के सर्वे के बाद उनके सुझाव पर सुरक्षात्मक उपाय शुरू कराए जाएंगे।

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