उत्तराखंड के 102 नगर निकायों के चुनाव की अधिसूचना 10 नवंबर को जारी होने पर संशय पैदा हो गया है। निकायों के ओबीसी सर्वेक्षण की रिपोर्ट तो मिल गई थी, लेकिन निकायों में ओबीसी आरक्षण की नियमावली पर मुहर नहीं लग पाई। लिहाजा, आरक्षण का फार्मूला लागू न होने के चलते राज्य निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी नहीं कर पाएगा।
एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने नगर निकायों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। बाद में एक अनुपूरक रिपोर्ट भी सौंपी गई थी। उधर, ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित प्रवर समिति ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए निकाय चुनाव को हरी झंडी दे दी थी। निकायों में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए शासन ने नियमावली तैयार की थी, जिस पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है।
वैसे लक्ष्य था कि अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी डीएम के स्तर से फार्मूले के हिसाब से पदों का आरक्षण जारी करते हुए आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिसे अंतिम रूप देने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। फिर निर्वाचन आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा। चूंकि प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई, इसलिए 10 नवंबर को निकाय चुनाव की अधिसूचना पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
99 निकायों की वोटर लिस्ट तैयार, बाकी की आठ तक
प्रदेश के 102 में से 99 नगर निकायों की वोटर लिस्ट तैयार हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार का कहना है कि बाकी निकायों की वोटर लिस्ट का काम भी आठ नवंबर तक पूरा हो जाएगा। प्रदेश में करीब 30 लाख मतदाता हैं। आयोग ने चुनाव की तैयारी पूरी कर ली है

More Stories
रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
आमजन की सुरक्षा को हर पल मुस्तैद दून पुलिस, स्वतंत्रा दिवस के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में दून पुलिस द्वारा लगातार चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान, जनपद की सीमाओं व आन्तरिक मार्गो पर संदिग्धों की तलाश हेतु लगातार की जा रही सघन चैकिंग, संवेदनशील स्थानों पर अर्द्ध सैनिक बलों के साथ किया गया फ्लैग मार्च
मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को किया नमन, इस दिन को बताया लाखों परिवारों के दर्द और बलिदान को याद करने का अवसर